नेपालको उत्तरी भेगमा वस्ने गुरुङ(तमू) लगायतका समुदाय र अन्य जनजातीहरूमा
वर्ग फेरीए पछि नयाँ वर्ष आएको भनि नयाँ वर्ष (ल्हो छार) मान्ने चलन छ।
अर्थात
नेपालका विभिन्न जातजाति, धर्मालम्वी तथा यिनीहरूले मनाउने चाडपर्वमध्ये मंगोलवंशी समुदायले मनाउने एक विशेष चाडलाई वा ल्होसार भनिन्छ । ल्होछार वा ल्होसार बौद्ध धर्म अनुयायी तामाङ, शेर्पा, गुरुङ्ग, थकाली आदि जातिले महत्वपूर्ण पर्वका रूपमा मनाउँछन् ।
'ल्होछार' दुइ शब्द मिलेर बनेको छ । जसको अर्थ 'ल्हो' अर्थात वर्षवा साल भन्ने हुन्छ भने 'छार' वा 'सार' को अर्थ नयाँ भन्ने हुन्छ । यसैले ल्होसारको अर्थ 'नयाँ वर्ष वा नयाँ साल भन्ने बुझिन्छ । र, यसै अनुरुप यस चाडलाई मनाउने गरिन्छ । ल्होसार मनाउने समुदायले यस्ता 'ल्हो' अर्थात वर्ष बाह्रवटा भएको विश्वास गर्छन् । बाह्र वर्षको नाम पशुपंछी र जीवजन्तुका नामबाट राखिएको हुन्छ । जस्तो : मुसा, गाई, बाघ, बिरालो, गरुड, र्सप, घोडा, भेंडा, बाँदर, चरा, कुकुर, सुँगुर बर्ष। बाह्र वर्षसमाप्त भए पछि फेरि उही नाम दोहोर्याएर वर्ष गनिन्छ । यसरी यस समुदायले बाह्र वर्षो एक युगको परिकल्पना गरेको हुनसक्छ ।
गुरुङहरूले पुस महिनाको १५ वा १६ गते पर्छ। ल्हो सारकै दिनभन्दा अघिल्लो साँझदेखि नै यसलाई मनाउन सुरु गरिन्छ । साँझ पूजा पाठ, भोजभत्तेर, नाचगान गरी आधा रातमा 'वर्ष आयो' भन्दै नयाँ वर्षको स्वागत गरिन्छ। ल्होसारको दिन बिहानदेखि नै ढोग-भेट, आशिष आदानप्रदान गर्दै नाता कुटुम्बलाई बोलाएर भोज खुवाएर बडो धुमधामका साथ मनाइन्छ।
नेपालमा ल्होसार मनाउने प्रचलन चिनिया“ सभ्यताबाट तिब्बत हुँदै भित्रिएको अनुमान गरिन्छ ।
ल्हो हरु नेपालीमा
ल्हो अर्थात बर्ग
१ च्यू ल्हो - मुसा बर्ग
२ म्हें ल्हो - गाई बर्ग
३ तो ल्हो - बाघ बर्ग
४ हि ल्हो - बिरालो बर्ग
५ मु प्रि ल्हो - गरुड बर्ग
६ स प्रि ल्हो - सर्प बर्ग
७ त ल्हो - घोडा बर्ग
८ ल्हु ल्हो - भेडा बर्ग
९ प्र ल्हो - बादर बर्ग
१० च्या ल्हो - चरा बर्ग
११ खि ल्हो - कुकुर बर्ग
१२ फो ल्हो - मृग बर्ग
ल्हो(वर्ग)को मिल्ने वर्ग तथा मित्र वर्ग
| ल्हो(वर्ग) | मिल्ने | मित्र |
| च्यु ल्हो (मुसा बर्ग) | फो ल्हो (मृग बर्ग),ल्हु ल्हो(भेडा बर्ग) | ह्ये ल्हो (बिरालो बर्ग) |
| म्हें ल्हो ( गाई बर्ग) | त ल्हो (घोडा बर्ग),सप्ह्री ल्हो (सर्प बर्ग) | मुप्ह्री ल्हो (गरुड बर्ग) |
| तो ल्हो (बाघ बर्ग) | फो ल्हो (मृग बर्ग),ह्ये ल्हो (बिरालो बर्ग) | सप्ह्री ल्हो (सर्प बर्ग) |
| ह्ये ल्हो (बिरालो बर्ग) | मुप्ह्री ल्हो (गरुड बर्ग),त ल्हो (घोडा बर्ग) | त ल्हो (घोडा बर्ग) |
| मुप्ह्री ल्हो (गरुड बर्ग) | ह्ये ल्हो (बिरालो बर्ग) | ल्हु ल्हो(भेडा बर्ग) |
| सप्ह्री ल्हो (सर्प बर्ग) | म्हें ल्हो ( गाई बर्ग) | प्र ल्हो (बादर बर्ग) |
| त ल्हो (घोडा बर्ग) | म्हें ल्हो ( गाई बर्ग),ह्ये ल्हो (बिरालो बर्ग) | च्ह्या ल्हो (चरा वर्ग) |
| ल्हु ल्हो(भेडा बर्ग) | प्र ल्हो (बादर बर्ग), खी ल्हो (कुकुर बर्ग) | खी ल्हो (कुकुर बर्ग) |
| प्र ल्हो (बादर बर्ग) | ,च्ह्या ल्हो (चरा वर्ग)ल्हु ल्हो(भेडा बर्ग) | फो ल्हो (मृग बर्ग) |
| च्ह्या ल्हो (चरा वर्ग) | च्यु ल्हो (मुसा बर्ग),खी ल्हो (कुकुर बर्ग) | च्यु ल्हो (मुसा बर्ग) |
| खी ल्हो (कुकुर बर्ग) | ल्हु ल्हो(भेडा बर्ग),च्ह्या ल्हो (चरा वर्ग) | म्हें ल्हो ( गाई बर्ग) |
| फो ल्हो (मृग बर्ग) | तो ल्हो (बाघ बर्ग),च्यु ल्हो (मुसा बर्ग) | तो ल्हो (बाघ बर्ग) |
ल्हो(वर्ग)को शत्रु वर्ग
| ल्हो (वर्ग) | सत्रु |
| च्यु ल्हो (मुसा बर्ग) | त ल्हो (घोडा बर्ग) |
| म्हें ल्हो ( गाई बर्ग) | ल्हु ल्हो(भेडा बर्ग) |
| तो ल्हो (बाघ बर्ग) | प्र ल्हो (बादर बर्ग) |
| ह्ये ल्हो (बिरालो बर्ग) | च्ह्या ल्हो (चरा वर्ग) |
| मुप्ह्री ल्हो (गरुड बर्ग) | खी ल्हो (कुकुर बर्ग) |
| सप्ह्री ल्हो (सर्प बर्ग) | फो ल्हो (मृग बर्ग) |
| त ल्हो (घोडा बर्ग) | च्यु ल्हो (मुसा बर्ग) |
| ल्हु ल्हो(भेडा बर्ग) | म्हें ल्हो ( गाई बर्ग) |
| प्र ल्हो (बादर बर्ग) | तो ल्हो (बाघ बर्ग) |
| च्ह्या ल्हो (चरा वर्ग) | ह्ये ल्हो (बिरालो बर्ग) |
| खी ल्हो (कुकुर बर्ग) | मुप्ह्री ल्हो (गरुड बर्ग) |
| फो ल्हो (मृग बर्ग) | सप्ह्री ल्हो (सर्प बर्ग) |
यसरी आफ्नो ल्हो(वर्ग)को शत्रु मित्रु छुट्टाएर मिल्ने वर्गको (ल्हो क्र्हीवा) केटाले केटी खोज्ने चलन पुरानो हो जस्लाई
वर्ग हेर्ने(ल्हो ङ्ह्योवा) भनिन्छ।
सम्पुर्ण तमु जातीलाइ प्रत्येक वर्षको लोछारको शुभकामना "लक्ष्मण तमु"
Thank you


Nepal Time


Tuesday, May 10, 2011
लक्ष्मण गुरुङ ' LaKshMaN '
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